क्राइम

आखिर कौन था तिलकामांझी में कट्टा लहराने वाला युवक!

भागलपुर स्थित तिलकामांझी चौक पर शुक्रवार को कट्टा लहराने वाले (अनिल मंडल) को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। प्रशाशन अनिल मंडल के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल का अनुरोध करेगी. सबूत के तौर पर प्रशाशन के पास वीडियो फुटेज है.

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तिलकामांझी चौकी इंचार्ज मिथिलेश कुमार ने अपने बयान पर केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। सनकी युवक ने हंगामे के दौरान गोली चला दी थी। वह गोली किसी को भी लग सकती थी। पुलिस ने कहा है कि इसमें डीएसपी राजवंश सिंह समेत अन्य लोग बाल बाल बच गए थे। एसएसपी आशीष भारती का कहना है जल्द ही आरोपित अनिल मंडल के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

आरोपित अनिल मंडल पुलिस को हर बार एक नई कहानी समझाने की कोशिश करता रहा. काफी पूछ- ताछ करने पर कोइली खुटाहा के एक व्यक्ति का नाम लतेे हुए कहा लोहिया पुल के नीचे उसने कट्टा और कारतूस लिया था. अनिल मंडल ने बताया लोहिया पुल के नीचे वह उसे कट्टा और कारतूस देकर वापिस लौट गया. उसके घर के बारे में पूछने पर बताया कि वह उसे नहीं जानता है. पुलिस की जांच में पता चला कि अनिल के पिता पवन मंडल ने दूसरी शादी कर ली है. उसकी मां और एक भाई हरिद्वार में मंदिर के बाहर प्रसाद बेचते हैं. अनिल भी हरिद्वार में एक मिठाई की दुकान में काम करता था. कुछ दिन पहले ही अनिल हरिद्वार से भाग के भागलपुर आया है. यहाँ वह संगति में लिप्त हो चुका है.

अपने बयान बदलते हुए अनिल मंडल ने बताया. अपने दोस्त की बहन से दुष्कर्म करने वाले राहुल को मार गिराने के लिए तमंचा खरीदा था. अनिल को तिलकामांझी पुलिस शनिवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत लेकर पहुंची थी. अदालत परिसर में अनिल ने बताया बांका के रजौन निवासी दोस्त (राहुल) की बहन के साथ हुए दुष्कर्म की घटना से वह काफी तनाव में चल रहा था. दोस्त की बहन ने घटना बाद जहर पीकर जान दे दी थी. अनिल ने कहा कि उसकी मौत के बाद उसने कसम खा लिया था कि वह गलत करने वाले राहुल को जिंदा नहीं छोड़ेगा. इसके लिए वह कोइली-खुटहा स्थित एक रिश्तेदार के जरिए राजेश यादव से तमंचा खरीदा था. एक तमंचा और तीन कारतूस के लिए उसने राजेश यादव को छह हजार रुपये दिए थे. वहां से तमंचे की डिलीवरी के लिए एक अपाचे बाइक से राजेश का एक लड़का आया था.

खंजरपुर में उसने नाइट्रोजन-10 (Medicine) कफ सीरप में मिलाकर उसे पिलाया और राहुल को शहर में ढूँढना शुरू किया. जब राहुल का कोई पता नहीं चला तो बाइक वाले लड़के ने अनिल को तिलकामांझी चौक पर छोड़ कर चला गया.

इसके बाद शुरू होता है असल कहानी जब एक लड़का अचानक तिलकामांझी पर खड़ा हो कट्टा लहराना शुरू करता है. इसके पीछे का वजह अनिल ने खुद को तनाव में बताया। वह खुद को मारने के लिए मूर्ति पर चढ़ा था.

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